सोमवार, 20 सितंबर 2010

मेरा बचपन

अपनी छोटी सी दुनिया में झूल गया हूँ मैं,
बचपन की एक बात बतानी भूल गया हूँ मैं,
कितनी सुन्दर थी वो परियां और सपनों की दुनिया भी,
जिसमे रहकर दुनिया सारी भूल गया हूँ मैं,
न अपनी न औरों की कोई फिकर ही रहती थी
बस अपनी ही मस्ती में दुनिया मगन वो रहती थी
अब तो केवल यादों को ही सोच गया हूँ मैं,
उस चंचल मस्त सफ़र को न भूल गया हूँ मैं
उस सोंधी सी गीली मिट्टी की मिठास क्या कहती थी.
जिसके आगे चीकू का फल भूल गया हूँ मैं,
चंदा की लोरी सुनकर आँखों में नींद का आना भी,
और शायद वो चाँद सितारे भूल गया हूँ मैं,
बरसातों की झिलमिल में वो नाव बनाना कागज़ की,
शायद अब वो नाव बनाना भूल गया हूँ मैं
वो माँ का गुस्सा और प्यार झलकना आँखों से
दुनिया की गुमशुदगी में कहीं गुम गया हूँ मैं
बचपन की एक बात बताना भूल गया हूँ मैं
बचपन की एक बात बताना भूल गया हूँ मैं.............

Just a sweet poem by a lover……..

उसे सपने देखना पसंद है, मुझे सपने में वो,
उसे बारिश पसंद है, मुझे बारिश में वो,
उसे हसना पसंद है, मुझे हस्ते हुए वो,
उसे बोलना पसंद है, मुझे बोलते हुए वो,
उसे मैं कभी पसंद नहीं आया, और मुझे पसंद आये तो वो और सिर्फ वो.......

रविवार, 19 सितंबर 2010

What is LOVE?

Love is when your mom comes to you at night & say:
 "बेटा  ! I love you"
Love is when your भाभी say:
"ओये ! कोई लड़की-वडकी पटाई की नहीं"

Love is when you sister say:
"भाई ! मेरी शादी के बाद मुझसे झगडा कौन करेगा "

Love is when you are mood less and your brother says:
"चल कही घूम कर आते हैं "

Love is when your best friend calls you & says:
"कमीने ! तेरे बिना दिल नहीं लगता "


That’s LOVE. DON’T MISS IT IN LIFE. Love is not only for GirlFriend or BoyFriend.

शनिवार, 18 सितंबर 2010

A LOVE LETTER

A love letter by a maths student to his girlfriend:
My sweet 'straight line',

Yesterday i was passsing through your 'rectangular' home in 'trigonometric' lane. There my eyes with 'positive slope' felt 'orthogonally' on your cute 'circular' face and 'conical' nose & 'spherical' eyes. Before seeing you my heart was a 'null set', but when a 'vector' from your eyes at 'deviation' of 'theta radians' made a 'tangent' to my heart i got 'differentiated'. My love for you is 'quadratic equation' with 'real roots'. Now you can only 'integrate' me back to my life.

with my love 'tending to infinity'

WHAT ARE FRIENDS

This post is entirely dedicated to the term said to be
"FRIENDSHIP"
ये दोस्त भी अजीब होते है देने पे आये तो जान देदे,
लेने पे आये तो हसी तक छीन ले,
कहने पे आये तो दिल के तमाम कोनो के रज बोल दे,
छुपाने पे आये तो ये तक न बताये की आखिर खफा क्यों है, 
नाराज़ होने पे आये तो साँस तक न लेने दे,
मानाने पे आये तो अपनी साँसों तक को वो वार दे........

इसलिए कहते है की दोस्ती ज़िन्दगी में नहीं बल्कि
ज़िन्दगी दोस्तों में होती है