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शुक्रवार, 31 मई 2013

.....या रब्बा ऐसी ताकत देदे.....

ख्वाहिशे हो ऐसी जो आसमान को छूना चाहूँ
या रब्बा मुझे ऐसी ताकत देदे 
उडूं लेकर सपनो के पंख इन आसमानों में कही 
या रब्बा मुझे ऐसी ताकत देदे 
बस बहुत हुए दिन बचपन के खेल खिलोनो के 
अब दुनिया को अपनी पहचान दिखा दूं 
या रब्बा ऐसी ताकत देदे… 

मंगलवार, 2 अप्रैल 2013

.....ज़िन्दगी क्या है .....

.....ज़िन्दगी क्या है .....

इक सोच जो किसी को समझ ना आई
इक एहसास जो किसी ने नहीं पहचाना 
इक ज़ज्बा जो कोई जुटा ना पाया
इक सपना जो कभी पूरा ना हो पाया 
इक कहानी जो रही हमेशा अधूरी
इक पहेली जो कभी सुलझ न सकी .....
.....फिर भी लोग जिए जा रहे है ....
इस सोच को  सोचने में खोकर 
इस एहसास को जिए जा रहे है ...
भले न जुटा पाए कोई ज़ज्बा 
पर रोज यही सपना जिए जा रहे है ...
कहानी भले ही रहे अधूरी उनकी 
पर पहेली में यूही उलझते जा रहे है ...
....फिर भी लोग जिए जा रहे है .....

रविवार, 12 अगस्त 2012

खुद को एक बार बदल डाला है...

एक मुस्कान सी होंठो पे सजा के,
हर बात को अपने दिल में छिपा के के,
मेने खुद को एक बार बदल डाला है...
कुछ यादों को दिल में बसा के के,
एक टीस को मन में दबा के,
मेने खुद को एक बार बदल डाला है...
एक आस सी कोई दिल में छिपी है,
एक प्यास सी कोई दिल में रुकी है,
सब कुछ यूहीं भुला के,
मेने खुद को बदल डाला है......

गुरुवार, 21 जून 2012

वही प्यार है....


जब दो दिल मिलके एक हो जाये,
दो नैना लड़ के चार हो जाये,
लफ्जो में जो ना हो बयां, वही प्यार है...

दीदार किसी का होता रहे,
बार-बार जब दिल ये कहे,
न कर पाए जब दिल की बात बयां, वही प्यार है...

गाना गुनगुनाने को जी करे,
हर पल मुस्कुराने को जी करे,
जब है ये मन झूम सा गया, वही प्यार है...

धड़कने जब किसी की धुन गए,
सांसे किसी के लिए बहक सी जाये,
दिल किसी के लिए जो थम सा गया, वही प्यार है...

किसी की बातो में खोने को जी करे,
किसी से बार-बार मिलने को जी करे,
लगे प्यारी जब किसी की हया, वही प्यार है...

किसी की सांसो में समाने को जी करे,
किसी की आँखों में खो जाने को जी करे,
किसी की अदा में जब मन खो गया, वही प्यार है...

ख्वाबो खयालो  में जब किसी का चेहरा आये,
जब किसी के बारे में सोचते हुए दिन गुजर जाये,
जब किसी पर सब कुछ कुर्बान हो गया, वही प्यार है...

किसी के पास आते ही धड़कने बढ जाये,
जब किसी की बाहों में संसार नजर आये,
प्यार में किसी के जब दिल काहिल हो गया, वही प्यार है...

जब किसी की दूरी बर्दास्त न हो,
दो घडी जब कभी बात ना हो,
किसी की खातिर जब ये दिल बेचैन हो गया, वही प्यार है...

जिस शब्द को अक्षरों के कुछ मेल,
 चाहे हो व्याकरण के कुछ खेल,
कर ना पाए कभी भी बयां, वही प्यार है....

शनिवार, 16 जून 2012

खिलखिलाना चाहता हूँ.....

अपने मन की उड़ानों से, आसमान छूने को जी करता है।
पर उन्ही ऊँचाइयों को सोच कर, जाने क्यों ये दिल डरता है।
हर पल दिखते अंधियारे से, मन बहुत घबराता है।
क्या पाना है और क्या खोना, बस यही सोचता रह जाता है।
अपने अन्दर डूब के मैं, खुद को खुद में ढूँढता हूँ।
ढून्ढ नही पाता फिर भी, जाने क्यू यू टूटता हूँ।
खो रहा हूँ जाने कही, इस जिंदगी की राहों  में।
अपने वो हसने की आदत, जाने क्यू मैं भूलता हूँ।
जीवन मेरा सीधा सा, क्यों चिंता में यू  बीत रहा।
घर की उल्झन मन की उल्झन, दम क्यू  मेरा घुट रहा।
जीवन की हर उलझन से मैं, मुक्ति पाना चाहता हूँ।
एक बार जी खोल के मैं, खिलखिलाना चाहता हूँ.....

रविवार, 10 जून 2012

खयाल

खयालो के बादल में एक अजीब सी  उलझन छाई है,
क्या बताऊ यारो किसी की याद इतनी  आई है ,
लम्हे नहीं गुजरते बिना किसीके दीदार के 
धड़कन ने भी अब तो धुन उसी की गाई  है,
हर लफ्ज होठो का सिर्फ नाम उसी का आता है,
ऐसा लगता है जैसे मेरी जान निकल आई है,
तू जहाँ भी है मुझे याद कर रहा है,
दिल की धड़कन इस बात का पैगाम लायी है,
तुझ तक पहुँच जाये मेरे दिल की आवाज,
बस मेरे दिल ने  से यही दुआ मनाई है...

शनिवार, 2 जून 2012

तुम नजर आते हो

लम्हे गुजरते है बस तेरे इंतजार मे,
हर पल तुम याद बहुत आते हो,
कब तक समझाउ इस पागल दिल को,
क्यूं दूर बहुत हो जाते हो,
लिखू क्या अपने दिल का हाल
इस छोटे कागज के टुकडे मे,
तुम कितना मुझे तडपाती हो,
तरस जाता हूँ एक मुलाकात को
और तुम अपनी आवाज के लिए तरसाते हो,
बता देते अगर हाल अपना मुझे,
तो मिल जाता सुकून दिल को,
पर जाने क्या मजबूरी है
जो दिल मेरा जलाते हो,
वैसे तो हर रात सपनो मे संग मेरे,
हसीन लम्हे बिताये,
पर जाने क्यूं सामने आने का मौका
नही दे पाते हो,
न कोई खबर तेरी, न कोई आहट
मेरे दिल की बेचैनी को और क्यू बढाते हो,
जब भी आती है याद बहुत,
आखो से आसू छलक जाते है,
और हर आसू की बूँद मे मुझे बस
तुम नजर आते हो.....

शुक्रवार, 18 मई 2012

तुम साथ हो मेरे

तन्हा बैठा यूं सोचता हूँ मै, काश के तुम हो साथ मेरे,
दुनिया ये हसीन लगती है, जब भी तुम हो साथ मेरे,
सूनापन सा लगने लगता है, जब भी दूर होते हो,
फिर भी दिल को एहसास होता है, कि तुम हो साथ मेरे,
हर एक लम्हा, हर पल गुजरता है सिर्फ तेरी यादो मे,
तेरी यादो मे खोके यूं लगता है, कि तुम हो साथ मेरे,
दिल करता है इन्तजार एक नई मुलाकात का,
हर मुलाकात से पहले लगता है कि तुम हो साथ मेरे,
क्या होता है इन राहो की दूरियों के होने से,
दिल के इतने करीब हो कि लगता है तुम हो साथ मेरे,
मेरे हर ख्वाब मे हमेशा रहती तुम हो साथ मेरे,
हर रोज दिन गुजरता है सिर्फ इसी एहसास के साथ
कि चाहे जो भी हो बात, तुम हो साथ मेरे,
इंतजार कर रहा हूँ बेसब्री से मै उस लम्हे का,
जिस लम्हे मे बस तुम ही हो साथ मेरे.....

बुधवार, 15 फ़रवरी 2012

दोस्ती


दोस्ती की किसी से, एक अच्छा दोस्त बनाया ,

लेकिन उस दोस्त को न जाने में क्यों रास न आया.

भूल गया हसाए हुए मेरे उन लम्हों को,

मेरी दोस्ती को क्यों न समझ वो पाया.

कहते है दोस्त ही दोस्त को समझ सकता है,

दर्द अपने दिल का share कर सकता है.

अपने दोस्त की हर मजबूरी को समझ के वो,

उसकी हर बात पे वो मर सकता है.

दोस्ती की यही उम्मीद लेके मेने दोस्त बनाया,

न जाने वो मुझे क्यों न समझ पाया :(

रविवार, 3 अप्रैल 2011

मेरी ज़िन्दगी


भगवान भी क्या सितम ढाता है,
कभी देता है गम ज़िन्दगी में
तो कभी इसे खुशियों से सजाता है.
समझ नहीं आता क्या करू कैसे अपने को समझाऊ.
रोना आता है गम में, रोऊ या खुशिया याद कर मुस्कुराऊ.
ज़िन्दगी की इस उलझन में ऐसे उलझ बैठा हू,
खुशियों को भी अपनी गलती से गम में बदल बैठा हू.
हर सुबह उठते ही लगता है खुशियों का नया सबेरा,
शाम ढलते ढलते हो जाता है गम का बसेरा.
वैसे तो सब ने मुझे हमेशा हसते हुए देखा,
कितना गम है इस मुस्कराहट में किसी ने न देखा.
इन सब के बाद भी खुदा का शुक्रिया अदा करता हू,
और गम दे मुझे इस बात की दुआ करता हू.
ज़िन्दगी में और गम इसलिए लाना चाहता हू,
दिल में छुपे आसुओं को आखों से बहाना चाहता हू.
खुशियों का मोल मुझे सिर्फ तभी होता है,
जब कभी मेरा दिल गम में रोता है.
चाहता हू ज़िन्दगी में अपनी कुछ करना,
नहीं है पसंद मुझे यु घुट घुट के मरना.
हो एक दिन मेरा नाम इस दुनिया में ऐसे,
लोग याद करे मुझे अपने चाहने वालो जैसे.
सिर्फ दुआ चाहिए आप सबकी की ज़िन्दगी में कुछ बन पाऊ,
अपने साथ मम्मी पापा का भी नाम अमर कर जाऊ.
अपने साथ मम्मी पापा का भी नाम अमर कर जाऊ...... 

ONE POEM FROM MY HEART AND PEN


~~~~~~~~~~~~~~~JUST FOR SOMEONE~~~~~~~~~~~~~~~
आज इस दिल में बेचैनी क्यों छाई है,
 धड़कने तेरी यादों के पैगाम लायी है.
क्या तुम भी याद करती हो मुझे इस तरह, 
मैं याद कर रहा हूँ तुम्हे जिस तरह.
क्यों मेरे जिस्म में अजीब सी सिरहन छाई है,
 शायद इसलिए क्यूंकि तेरी यादे हर जगह समाई है.
क्यों हर लम्हा मुझे लगाती है तेरी जरुरत,
 तुम्हे पता है इस दिल के हर कोने में है तेरी ही हुकूमत.
धड़कन हो गयी तेज़ इस हवा से भी,
 यादे है गहरी इस सागर से भी.
शायद कभी कल हमारा मिलना ना हो, 
लेकिन यादो का ये सिलसिला कभी धुंधला ना हो.
क्यों मैने तेरे लिए कागज कलम उठाया,
 क्यों तेरी यादो ने मुझे इतना सताया.
आज मैने फिर अपने दिल की बातों को कलम से उतारा है, 
सिर्फ मेरे उस दोस्त के लिए जो मुझे मुझसे भी प्यारा है.
सिर्फ मेरे उस दोस्त के लिए जो मुझे मुझसे भी प्यारा है.......
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~LOVE YOU~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

शुक्रवार, 1 अप्रैल 2011

खुशियाँ और गम (I wrote this from my heart "sacchi")

ज़िन्दगी में माना बहुत है गम,
 लेकिन खुशिया भी नहीं है कम.

तोलो कभी इन्हें दिल के तराजू में, 
बराबर पाओगे दोनों बाजू में.

जब भी आये गम तेरे सामने, 
खुशिया खड़ी कर दो उसके आमने.

ऐसी होती है खुशिया कि गम भी मुस्कुराएगा,
 आँखों से छलकता आंसू वही रुक जायेगा.
मोती के सामान है तेरे आसू का एक कतरा.
यु ही ना बहा इसे हमेशा तू मुस्कुरा.

अगर ना होता ज़िन्दगी में कभी गम,
तो खुशियों को कोई मोल ना देते हम.
ख़ुशी और गम है ज़िन्दगी के दो पहिये,
लेकिन गुज़ारिश है आप हमेशा खुश रहिये.

हम याद करते है भगवान को जब हो गम का तमाशा,
लेकिन भूल जाते है खुशियों में उसे हमेशा.
हमेशा उसे खुशियों में धन्यवाद् कहना,
वो तेरे दामन को खुशियों से ना भर दे तो कहना.


ज़िन्दगी जीने का ये अंदाज़
मैंने अपनाया अब आप भी अपनाओ,
ख़ुशी हो या गम आप सदा मुस्कुराओ
ख़ुशी हो या गम आप सदा मुस्कुराओ....